हमारी प्रार्थना,  राष्ट्रीय गीत तथा राष्ट्रगान

 

जन गण मन अधिनायक जय हे,
भारत       भाग्य        विधाता !

पंजाब, सिंध,    गुजरात,  मराठा|
द्राविड़,      उत्कल,           बंग,
विंध्य, हिमाचल, यमुना,    गंगा,
उच्छल,      जलधि,        तरंग|

तव     शुभ      नामे    जागे |
तव      शुभ     आशिष      मांगे|
गाये      तव     जय     गाथा|

जन - गण   मंगलदायक   जय हे,
भारत          भाग्य       विधाता|
जय हे,        जय हे,      जय हे !
जय -    जय -     जय -  जय हे !


 

वन्दे मातरम् ! वन्दे मातरम् !

सुजलाम् सुफलाम् मलयज शीतलाम्
शस्य श्यामलाम् मातरम् ! वन्दे मातरम् !

शुभ्र ज्योत्सनाम् पुलकित यामिनीम्‌
फुल्लकुसुमित द्रुमदल शोभिनीम्‌
सुहासिनीम्‌ सुमधुर भाषिणीम्‌
सुखदाम्‌ वरदाम्‌ मातरम्‌ ! वन्दे मातरम्‌ !
 

 

      

वह शक्ति हमें दो दया निधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जायें ।
पर सेवा, पर उपकार में हम, निज जीवन सफल बना जायें ।
हम दीन, दुःखी, विकलों के, सेवक बन कर संताप हरें ।
जो हैं, अटके, भूले, भटके, उनको तारें, खुद तर जायें ॥

छल, दंभ, द्वेष, पाखंड, झूठ, अन्याय से निश दिन दूर रहें।
जीवन हो शुद्ध, सरल अपना, निज प्रेम सुधारस बरसावें ।
निज आन बान, मर्यादा का, प्रभु ध्यान रहे, अभिमान रहे।
जिस देश, राष्ट्र में जन्म लिया, बलिदान उसी पर हो जावें ॥

वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जायें॥